आवारा मसीहा

Monday, June 30, 2008

धर्म की राजनीति

११ जून २००८,वह ऐतिहासिक दिन था जब २४० साल पुरानी राजशाही को खत्म कर के राजा ज्ञानेंद्र से नारायणहिती महल खाली करवा कर सरकार ने उसे अपने कब्जे में कर लिया। महल को अब राष्ट्रीय सम्पति माना जाएगा और राजा की हैसियत अब एक आम आदमी की रहेगी।
अब सारी कवायद देश में नई लोकतांत्रिक सरकार के गठन व नया संविधान बनने को ले कर चल रही है। लेकिन उधर कुछ हिंदूवादी संगठन नेपाल के हिंदू राष्ट्र के दर्जे को बरक़रार रखने के लिए धरने तथा प्रदर्शन कर रहे हैउनका कहना है कि नेपाल के पुराने हिंदू राष्ट्र के दर्जे को कायम रहना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि विश्व में नेपाल ही एक ऐसा देश है जिसे हिंदू राष्ट्र का दर्जा प्राप्त है। हिंदू राजशाही ने यहाँ धर्म को खूब संरक्षण दिया। अब हिंदू संगठनो को धर्म के लुप्त होने का खतरा दिख रहा है क्यूंकि माओवादी नास्तिक माने जाते है तथा धर्म के पाखंडो को वे किसी भी रूप में स्वीकार नही कर पाएंगे । इससे धर्म की दुकानदारी उखड़ने का खतरा पैदा हो गया है ।
posted by ॐĢĂÛŔΔ٧ॐ at 11:21 AM

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