आवारा मसीहा

Tuesday, May 13, 2008

अमन की चाह






हमारे ह्रदय मे रहने वाला एक वृद्ध जिसे हम हिंदुस्तान नाम से संबोधित करते है ,शायद २८ राज्यों की गलियों मे कहीं खो गया है । हिमालय जैसा विशाल कद ,शरीर पर वनस्पतियों के लहलहाते हरे बाल तथा त्वचा के आवरण पर झलकती नीली आसमानी नसें ही इसकी पहचान है । ह्रदय का धनी और खुशमिजाज यह देश राज्यों की राजनीति मे खो गया है । हिंसा तथा जातिवाद के सागर मे हिचकोले खा रहा है । हिन्दुस्तान कि संस्कृति आत्म

प्रदर्शन के बोझ के नीचे दब कर नष्ट होती जा रही है ।


अंत मे यही निवेदन किया जा सकता है कि सभी देशवासी अपने अमूल्य समय मे से कुछ लम्हे निकल कर वास्तविक भारत को खोजने मे मदद करें,ताकि सम्पूर्ण ब्रम्हांड मे हिन्दुस्तान अपने मूल्यों ,संस्कारों , तथा सभ्यता कि विजय पताका फ़हरा सके।

posted by ॐĢĂÛŔΔ٧ॐ at 12:35 AM

1 Comments:

aap ke sonch agar har hindustaani ke ho to aaj yeh desh kahan ho main chaon ga ki aap ke sonch ko sabhe samje aur aap ko protsahan den main aap ko protsaahot karta hon aur kahon ga ki lage raho india.
all the best my dear.
god bless u .

May 14, 2008 at 12:47 PM  

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